बच्चों और किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य विकार के बारे में खास जानकारी

इनके द्वाराJosephine Elia, MD, Sidney Kimmel Medical College of Thomas Jefferson University
द्वारा समीक्षा की गईAlicia R. Pekarsky, MD, State University of New York Upstate Medical University, Upstate Golisano Children's Hospital
समीक्षा की गई/बदलाव किया गया संशोधित अक्टू॰ २०२५
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अनेक महत्वपूर्ण मानसिक स्वास्थ्य विकार, जैसे डिप्रेशन, चिंता विकार, और खानपान संबंधी विकारों की शुरुआत अक्सर बचपन और किशोरावस्था में होती है। कुछ विकार, जैसे ऑटिज़्म, केवल बचपन में शुरु होते हैं।

सीज़ोफ़्रेनिया तथा अन्य संबंधित मानसिक स्वास्थ्य विकार (कभी-कभी जिन्हें मनोरोग विकार कहा जाता है) आमतौर पर बचपन में बहुत कम पाए जाते हैं। जब वे होते हैं, तो खास तौर पर उनकी शुरुआत किशोरावस्था के मध्य से लेकर युवा वयस्कता (किसी व्यक्ति के 30 के दशक के मध्य में होने पर) में होती है।

औसतन 20% बच्चों और किशोरों में निदान योग्य मानसिक स्वास्थ्य विकार होता है जिसके कारण कुछ विकृति आ जाती है। आयु के बढ़ने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य विकार से निदान किए जाने का जोखिम बढ़ता है। कुछ अनुमानों के अनुसार, करीब 30% ऐसे किशोर जिनकी आयु 13 से 17 वर्ष के बीच है, वे 2 या इससे अधिक मानसिक स्वास्थ्य विकारों के मानदंडों को पूरा करते हैं। पर्यावरणीय चिंताओं (अर्थात कोविड-19 महामारी) से महत्वपूर्ण सामान्य दिनचर्या और रिश्ते इतने अधिक प्रभावित हो सकते हैं कि सशक्त स्वभाग वाले बच्चे और किशोर भी मानसिक स्वास्थ्य विकारों से प्रभावित हो सकते हैं।

कुछ अपवादों के साथ, मानसिक स्वास्थ्य विकारों के लक्षण उन भावनाओं जैसे होने की प्रवृति रखते हैं जिनका अनुभव हर बच्चे द्वारा किया जाता है, जैसे उदासी, गुस्सा, संदेह, उत्तेजना, निर्लिप्तता और अकेलापन। विकार और सामान्य भावना के बीच अंतर यह है कि भावना कितने समय से मौजूद है और यह भावना किस हद तक इतनी शक्तिशाली हो जाती है कि सामान्य जीवन की गतिविधियों पर हावी हो जाए और इन्हें बाधित करे या बच्चे को कष्ट पहुंचाए। इसलिए, डॉक्टरों को यह निर्धारित करने के लिए अपने पूर्ण विवेक का उपयोग करना चाहिए कि कब कोई खास विचार और भावना बचपन के अनुभव का सामान्य घटक नहीं रहती और कब वह विकार बन जाती है।

क्या आप जानते हैं...

  • विकार और सामान्य अनुभूति में अंतर वह स्तर है जिस स्तर तक अनुभूति इतनी अधिक शक्तिशाली बन जाती है कि उससे बच्चे अभिभूत हो जाते हैं, उनके सामान्य जीवन की गतिविधियों में बाधा होती है, या बच्चे उनसे परेशान हो जाते हैं।

मनोस्थिति विकारों (अर्थात्, डिप्रेशन, चिंता) और खान-पान के विकारों के अलावा, दूसरे प्रकार की व्यवहार संबंधी स्वास्थ्य समस्याएँ होती हैं। बाधक व्यवहार संबंधी विकार मुख्य रूप से व्यवहार को प्रभावित करते हैं। व्यवहार आशयित रूप से बाधक नहीं होता, लेकिन इससे दूसरे परेशान होते हैं, जिनमें अध्यापक, सहपाठी तथा परिवार के सदस्य शामिल हैं। इन विकारों में शामिल हैं

तंत्रिकाविकासात्मक विकार से मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों का समग्र विकास दोनों प्रभावित होते हैं। इन विकारों में शामिल हैं

ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम विकारों में, विकृत सामाजिक संबंध, रूचियों की सीमित श्रृंखला, असामान्य भाषा विकास और इस्तेमाल, और कुछ मामलों में बौद्धिक विकार का संयोजन शामिल होते हैं। रेट सिंड्रोम, एक आनुवंशिक विकार है, जिसमें समान लक्षण देखे जाते हैं, जिनमें सामाजिक कौशल तथा संप्रेषण में कठिनाईयां शामिल हैं।

सीज़ोफ़्रेनिया और संबंधित मनोवैज्ञानिक विकार वयस्कों की तुलना में बच्चों और किशोरों में बहुत कम आम हैं। एक विकार है जिसे पीडियाट्रिक कैटैटोनिया कहा जाता है जो बचपन के सीज़ोफ़्रेनिया की तुलना में अधिक सामान्य रूप से होता है। यह एक मनोरोग-विज्ञान संबंधी विकार लग सकता है, लेकिन यह अक्सर चिकित्सा स्थितियों जैसे कि संक्रमण, मेटाबॉलिक विकार और ऑटोइम्यून स्थितियों में होता है। यह विकार अक्सर बाल रोग विशेषज्ञों की पकड़ में नहीं आ पाता है।

बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य विकारों का निदान

  • मानक मनोरोग-विज्ञान संबंधी निदान मानदंडों के आधार पर डॉक्टर (या व्यवहारिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ) का मूल्यांकन

  • कभी-कभी लक्षणों के बारे में प्रश्नावलियाँ

  • कभी-कभी बच्चे के व्यवहार की निगरानी करना

मानसिक स्वास्थ्य विकार के निदान की पुष्टि किसी विशेष जांच से नहीं की जा सकती। कभी-कभी मानसिक स्वास्थ्य विकार के निदान पर पहुंचने से पहले अन्य सामान्य चिकित्सा समस्याओं को रद्द करने के लिए परीक्षण किए जा सकते हैं। यह निर्धारित करने के लिए कि मानसिक स्वास्थ्य विकार मौजूद है या नहीं; डॉक्टर बच्चे या किशोर के साथ किए गए इंटरव्यू; और माता-पिता, शिक्षकों और देखभालकर्ताओं के आंकलन तथा क्लिनिक में मुलाकात के दौरान देखे गए आकलन पर निर्भर रहते हैं। कभी-कभी डॉक्टर बच्चे या किशोर को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर के पास भेजते हैं जो बच्चों तथा किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य विकारों का निदान करने और उपचार करने में प्रशिक्षित होता है। ये पेशेवर लोग बच्चे का मूल्यांकन करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए (संरचित) इंटरव्यू और असेसमेंट टूल का उपयोग कर सकते हैं।

डॉक्टर न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों, जैसे कि फ़्रेजाइल X सिंड्रोम, रेट सिंड्रोम और डाइजॉर्ज सिंड्रोम की जांच करने के लिए आनुवंशिक ब्लड टेस्ट कर सकते हैं।

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