फ़ॉलीक्युलिटिस हेयर फ़ॉलीकल की सूजन है और त्वचा के फोड़े त्वचा में मवाद से भरी थैलियां होते हैं। दोनों आमतौर पर एक संक्रमण के कारण होते हैं। वे सतह पर या गहरे हो सकते हैं, जो केवल हेयर फ़ॉलीकल या त्वचा के भीतर की गहरी संरचनाओं को प्रभावित करते हैं।
(त्वचा के जीवाणु संक्रमणों का विवरण भी देखें।)
फ़ॉलीक्युलिटिस, त्वचा में होने वाला एक प्रकार का छोटा ऐब्सेस होता है, जिसमें हेयर फ़ॉलीकल शामिल होता है। अन्य प्रकार के ऐब्सेस त्वचा की सतह पर और त्वचा की गहराई में मौजूद संरचनाओं, दोनों में हो सकते हैं और उनमें हमेशा ही कोई हेयर फ़ॉलिकल शामिल होना ज़रूरी नहीं है।
अधिकांश त्वचा के ऐब्सेस, स्टेफ़ाइलोकोकस ऑरियस नामक बैक्टीरिया से होते हैं और त्वचा की सतह पर मवाद से भरे फोड़ों की तरह दिखाई देते हैं। स्टेफ़ाइलोकोकस का एक ऐसा स्ट्रेन, जिस पर पूर्व में प्रभावी एंटीबायोटिक्स का प्रभाव नहीं पड़ता है, इसका एक काफ़ी आम कारण बन चुका है। इस स्ट्रेन को मेथिसिलिन-प्रतिरोधी स्टेफ़ाइलोकोकस ऑरियस (MRSA) कहते हैं। MRSA के सामूहिक संक्रमण, भीड़भाड़ वाली जगहों पर रहने वाले और खराब स्वच्छता रखने वाले लोगों में हो सकते हैं या उन लोगों में हो सकते हैं, जो जीवाणु के बहुत हानिकारक स्ट्रेन से संक्रमित होते हैं।
कभी-कभी बैक्टीरिया किसी हेयर फ़ॉलिकल, छोटी सी खरोंच, या छेद के ज़रिए त्वचा में प्रवेश कर जाते हैं, हालांकि अक्सर कोई स्पष्ट प्रवेश बिंदु नहीं होता है। जिन लोगों की नाक के अंदर स्टेफ़ाइलोकोकस बैक्टीरिया होते हैं या जो गर्म और उमस से भरी जलवायु में रहते हैं, उनमें फ़ॉलीक्युलिटिस या त्वचा के ऐब्सेस बार-बार होने की ज़्यादा संभावना होती है। कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली, मोटापा, कैंसर और डायबिटीज भी इसके आम जोखिम कारक होते हैं।
कुछ लोगों में अज्ञात कारणों से स्टेफ़ाइलोकोकस का संक्रमण बार-बार होता है। बार-बार संक्रमण होने की संभावना कम करने के लिए, डॉक्टर पूरे शरीर को एंटीबैक्टीरियल साबुन से धोने, नाक के अंदर जहाँ बैक्टीरिया छिप सकते हैं, वहाँ एंटीबायोटिक ऑइंटमेंट लगाने और मुँह से ली जाने वाली एंटीबायोटिक्स का निर्देश देते हैं।
फ़ॉलिकुलाइटिस
हेयर फ़ॉलीकल की सूजन फ़ॉलीक्युलिटिस कहलाता है। यह बैक्टीरिया, फ़ंगस, वायरस या परजीवियों के कारण हो सकता है।
बैक्टीरियल फ़ॉलीक्युलिटिस आम तौर पर स्टेफ़ाइलोकोकस ऑरियस बैक्टीरिया के कारण होता है। कुछ लोगों को ठीक से क्लोरीनेट नहीं किए गए हॉट टब में जाने के बाद फ़ॉलीक्युलिटिस हो जाता है। यह स्थिति, जिसे कभी-कभी “हॉट टब फ़ॉलिकुलाइटिस” या “हॉट टब डर्माटाईटिस” कहते हैं, स्यूडोमोनास एरुजिनोसा नामक बैक्टीरिया से होती है। यह संपर्क के बाद 6 घंटे से 5 दिन के बीच कभी-कभी शुरू हो जाती है। त्वचा के वे भाग इसके सबसे आम स्थान हैं जो बाथिंग सूट से ढके होते हैं, जैसे धड़ और कूल्हे।
फंगल फ़ॉलीक्युलिटिस, डर्मेटोफ़ाइट्स (जिसे दाद या टिनिया भी कहा जाता है), मेलेसेज़िया फ़रफ़र (इसके जोखिम कारकों में डायबिटीज और स्टेरॉइड [जिन्हें कभी-कभी ग्लूकोकॉर्टिकॉइड्स या कॉर्टिकोस्टेरॉइड भी कहा जाता है] का उपयोग शामिल होता है) या कैंडिडा (यीस्ट) (शिशुओं और लंबे समय से एंटीबायोटिक्स या स्टेरॉइड ले रहे लोगों में देखा जाता है) संक्रमणों के कारण होता है।
वायरल फ़ॉलीक्युलिटिस आम तौर पर हर्पीज़वायरस के कारण होता है।
परजीवी फ़ॉलीक्युलिटिस, डेमोडेक्स माइट्स के कारण होता है, जो इंसानों के हेयर फ़ॉलीकल के अंदर रहते हैं।
कुछ लोगों को शरीर के उन हिस्सों में हल्का फ़ॉलीक्युलिटिस हो सकता है, जहाँ पसीने वगैरह के कारण नमी बनी रहती है और जहाँ घर्षण होता रहता है, जैसे कि खेलकूद के उपकरणों से छिपी जगहों पर या नितंबों में। त्वचा पर लगी चोट से भी फ़ॉलीक्युलिटिस होने की संभावना बढ़ सकती है।
कभी-कभी दाढ़ी के कठोर बाल (या ऐसे किसी भी स्थान के कठोर बाल जिसकी शेविंग की जाती है) शेविंग के बाद मुड़कर त्वचा में फिर से प्रवेश कर जाते हैं (अंदर की ओर उगे बाल), जिससे हल्की उत्तेजना और सूजन होते हैं। हालांकि, इसमें कोई वास्तविक संक्रमण नहीं होता है। इस प्रकार के फ़ॉलिकुलाइटिस को स्यूडोफ़ॉलिकुलाइटिस बार्बी कहा जाता है। मुँहासे भी एक प्रकार का फ़ॉलीक्युलिटिस होते हैं, जिनका उपचार संक्रमण के इलाज से अलग तरीके से किया जाता है।
फ़ॉलीक्युलिटिस बालों (फ़ॉलीकल) की जड़ में होने वाली छोटी-छोटी लाल या सफ़ेद फुंसियों (मवाद युक्त फ़्लूड से भरे दाने) के रूप में दिखाई देता है। इसमें एक संक्रमित फ़ॉलिकल भी हो सकता है और कई भी। हर संक्रमित फ़ॉलीकल में खुजली, असहजता या थोड़ा दर्द होता है, लेकिन व्यक्ति खुद को बीमार महसूस नहीं करता है। संक्रमित बाल आसानी से झड़ जाते हैं या उन्हें खींचकर तोड़ा जा सकता है, लेकिन नई फुंसियाँ बनती रहती हैं।
इस फोटो में जीवाणु संक्रमण के कारण संक्रमित और सूजे हुए हेयर फ़ॉलिकल देखे जा सकते हैं।
छवि को थॉमस हबीफ, MD द्वारा उपलब्ध कराया गया।
त्वचा किस तरह की दिख रही है, इसके आधार पर डॉक्टर फ़ॉलीक्युलिटिस का निदान करते हैं। वे आम तौर पर कोई परीक्षण नहीं करते हैं, लेकिन जिन लोगों में संक्रमण बार-बार होता रहता है, उनसे मवाद का एक नमूना और नाक के अंदर का स्वैब लिया जा सकता है और उन्हें प्रयोगशाला में भेजा जा सकता है, जहाँ उन्हें ऐसे कल्चर मीडियम में रखा जाता है, जिसमें सूक्ष्मजीव वृद्धि कर सकते हैं (कल्चर)। अगर डॉक्टरों को यह संदेह होता है कि संक्रमण फ़ंगस के कारण हुआ है, तो कल्चर के लिए एक बाल तोड़ लेते हैं। कल्चर के नतीजों से डॉक्टरों को उपचार का सबसे अच्छा तरीका पता लगाने में मदद मिलती है।
जीवाणु फ़ॉलीक्युलिटिस के उपचार के लिए डॉक्टर एंटीबैक्टीरियल क्लीनज़र या सीधे त्वचा पर लगाई जाने वाले एंटीबायोटिक्स (स्थानीय रूप से) का उपयोग करने का सुझाव देते हैं। जिन लोगों की त्वचा का एक बड़ा हिस्सा संक्रमित होता है, उन्हें मुँह से ली जाने वाली एंटीबायोटिक्स की ज़रूरत हो सकती है। डॉक्टर फ़ंगस, वायरस या परजीवी के कारण होने वाले फ़ॉलीक्युलिटिस से पीड़ित लोगों का उपचार भी करते हैं, लेकिन उसके पहले वे पता लगाते हैं कि संक्रमण किस जीव के कारण हुआ है।
हॉट टब फ़ॉलिकुलाइटिस बिना किसी इलाज के एक हफ़्ते में ठीक हो जाता है। हालांकि, इसे बार-बार होने से रोकने और दूसरों को संक्रमण से बचाने के लिए हॉट टब का ठीक से क्लोरीनेशन ज़रूरी होता है।
त्वचा में फोड़े
त्वचा के ऐब्सेस, त्वचा पर बने गर्म, दर्द करने वाले, मवाद से भरे फोड़े होते हैं। वे त्वचा के किसी भी हिस्से पर हो सकते हैं। ये आम तौर पर लाल रंग के और उभरे हुए होते हैं। फोड़े एक से कई इंच चौड़े हो सकते हैं।
फ़रंकल और कारबंकल त्वचा के फोड़ों के प्रकार हैं।
फ़रंकल और कार्बंकल आम तौर पर स्टेफ़ाइलोकोकस ऑरियस बैक्टीरिया के कारण होते हैं। अमेरिका में इनका सबसे आम कारण MRSA होता है।
फ़रंकल (फोड़े) छूने मात्र से दर्द करने वाले, छोटे और अधिक सतही फोड़े होते हैं, जिनमें हेयर फ़ॉलिकल और आस-पास के ऊतक शामिल होते हैं। फ़रंकल गर्दन, स्तनों, चेहरे और कूल्हों पर आम होते हैं। वे तकलीफ़देह होते हैं और संवेदनशील स्थानों में (जैसे, नाक, कान या अंगुलियों पर) विशेष रूप से अधिक दर्दयुक्त हो सकते हैं। ये आम तौर पर ठोस, उभरे हुए या फ़्लूड से भरे दाने होते हैं, जिनसे लाल मवाद और मृत ऊतक निकलते हैं।
इस तस्वीर में फ़रंकल (छाला) एक कोमल, सूजा हुआ, मवाद से भरा क्षेत्र है।
इस तस्वीर में फ़रंकल (छाला) एक कोमल, सूजा हुआ, मवाद से भरा क्षेत्र है।
तस्वीर थॉमस हबीफ, MD द्वारा प्रदान की गई है।
इस महिला की भौंहों के नीचे लाल, सूजा हुआ छाला है।
इस महिला की भौंहों के नीचे लाल, सूजा हुआ छाला है।
DermPics/SCIENCE PHOTO LIBRARY
इस फोटो में गर्दन के पीछे मौजूद कारबंकल देखा जा सकता है। यह आपस में जुड़े फ़रंकलों के गुच्छे से बनता है, जो दर्दयुक्त, मवाद से भरे और सूजे हुए हेयर फ़ॉलिकल होते हैं।
इस फोटो में गर्दन के पीछे मौजूद कारबंकल देखा जा सकता है। यह आपस में जुड़े फ़रंकलों के गुच्छे से बनता है, जो दर्दयुक्त,
SCIENCE PHOTO LIBRARY
कारबंकल, फ़रंकलों के गुच्छे होते हैं जो त्वचा की सतह के नीचे एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। वे बालों वाली जगहों और ऐसी जगहों पर ज़्यादा होते हैं, जहाँ घर्षण हो सकता है, जैसे गर्दन के पिछले हिस्से, कंधों, कूल्हों और नितंबों पर। कार्बंकल आकार में बड़े होते हैं और फ़रंकल की तुलना में त्वचा में ज़्यादा गहरे होते हैं। इनके संक्रमित समूह फ़्लूड, मवाद और मृत ऊतक से भरे होते हैं। बहुत ही कम मामलों में कार्बंकल से फ़्लूड बाहर निकल सकता है, लेकिन कभी-कभी ये इतने गहरे होते हैं कि फ़्लूड अपने आप नहीं निकल सकता। जिन लोगों को एक बड़ा कार्बंकल होता है, उन्हें बुखार भी आ सकता है।
अगर इलाज न किया जाए, तो अक्सर फोड़ों का मुंह बन जाता है जिसके बाद वे फूट जाते हैं और उनसे एक क्रीमी सफ़ेद या गुलाबी फ़्लूड निकलने लगता है। बैक्टीरिया फोड़े से आस-पास के ऊतक और लसीका ग्रंथियों तक फैलकर उन्हें संक्रमित कर सकते हैं। व्यक्ति को बुखार आ सकता है और वह सामान्य रूप से अस्वस्थ महसूस करता है।
डॉक्टर त्वचा के फोड़ों के स्वरुप के आधार पर उनका निदान करते हैं। कभी-कभी, वे बैक्टीरिया की पहचान करने के लिए मवाद के नमूने लैबोरेटरी में भेजते हैं (इसे कल्चर कहा जाता है)।
त्वचा पर हुआ ऐब्सेस अपने आप फूट सकता है और गर्म सिंकाई इस प्रक्रिया को तेज़ कर सकती है। अन्यथा डॉक्टर ऐब्सेस को काटकर (चीरकर) और उसका मवाद बहाकर उसका उपचार करते हैं। फोड़े से मवाद निकाल देने के बाद, डॉक्टर यह सुनिश्चित करते हैं कि सारा मवाद निकल गया हो और वे कभी-कभी उस स्थान को सलाइन घोल से धोते हैं। कुछ ऐब्सेस में अस्थायी रूप से गॉज़ पैकिंग करनी पड़ती है।
डॉक्टर ऐब्सेस के लिए हमेशा एंटीबायोटिक्स प्रिस्क्राइब नहीं लिखते हैं। हालांकि, जिन लोगों को बुखार होता है या जिनमें गंभीर संक्रमण के अन्य लक्षण होते हैं, उनके लिए एंटीबायोटिक्स लिखे जाते हैं।
जिन लोगों की त्वचा पर बार-बार फ़रंकल होते हैं, वे अपनी त्वचा को विशेष एंटीसेप्टिक्स से युक्त लिक्विड साबुन से धो सकते हैं और उन्हें 2 प्रकार के एंटीबायोटिक्स दिए जाते हैं।



