पोषण का अवलोकन

इनके द्वाराShilpa N Bhupathiraju, PhD, Harvard Medical School and Brigham and Women's Hospital;
Frank Hu, MD, MPH, PhD, Harvard T.H. Chan School of Public Health
द्वारा समीक्षा की गईGlenn D. Braunstein, MD, Cedars-Sinai Medical Center
समीक्षा की गई/बदलाव किया गया नव॰ २०२५ | संशोधित जन॰ २०२६
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पोषण (न्यूट्रीशन) शरीर के बढ़ने, विकसित होने और जीवन के रखरखाव के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का सेवन, अवशोषण और उपयोग करने की प्रक्रिया है।

भरपूर मात्रा में, उचित पोषण पाने के लिए, लोगों को ऐसा स्वास्थ्यवर्द्धक आहार लेने की ज़रूरत होती है जिसमें विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व मौजूद हों—यानी खाद्य पदार्थों में मौजूद ऐसी चीज़ें जो शरीर को पोषण देती हैं। एक स्वास्थ्यवर्द्धक आहार लेने से लोगों को शरीर की ज़रूरत के मुताबिक वज़न और संरचना (शरीर में फैट और मांसपेशियों का प्रतिशत) को बनाए रखने, अपनी दैनिक शारीरिक और मानसिक गतिविधियों को करने और बीमारी और विकलांगता के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर (USDA) अमेरिकियों के लिए आहार संबंधी दिशानिर्देश, 2025-2030 बताते हैं कि: “अमेरिकी परिवारों को—प्रोटीन, डेयरी, सब्जियां, फल, स्वस्थ वसा और साबुत अनाज के संपूर्ण, पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों पर आधारित आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए।” इन दिशानिर्देशों के अनुसार, स्वास्थ्यवर्धक आहार पैटर्न बनाने वाले मुख्य तत्वों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • सभी प्रकार की सब्जियाँ: गहरी हरी; लाल और नारंगी; बीन्स, मटर और दालें; स्टार्च; और अन्य सब्ज़ियाँ

  • फल, विशेष रूप से साबुत फल

  • अनाज, जिनमें से आधा प्रतिशत में साबुत अनाज हो

  • डेरी प्रोडक्ट, जिसमें फैट रहित या कम फैट वाला दूध, दही, और पनीर, और/या बिना लैक्टोज़ वाले और फोर्टिफाइड सोया पेय और दही विकल्प के रूप में शामिल हों

  • लीन मीट, पोल्ट्री और अंडे सहित प्रोटीन खाद्य पदार्थ; समुद्री भोजन; फलियां, मटर, और दाल; और मेवे, बीज, और सोया उत्पाद

  • तेल, जिसमें वनस्पति तेल और भोजन से मिलने वाले तेल शामिल हैं, जैसे समुद्री भोजन और मेवे

अगर लोग बहुत ज़्यादा खाते हैं, तो मोटापा हो सकता है। अगर वे कुछ खास पोषक तत्वों, आमतौर पर विटामिन्स या मिनरल्स, को ज़्यादा मात्रा में लेते हैं तो इसके हानिकारक प्रभाव (विषाक्तता) हो सकते हैं। अगर लोग भरपूर मात्रा में पोषक तत्व नहीं लेते हैं, तो कम-पोषण हो सकता है, जिसके कारण पोषण की कमी का विकार होता है।

पोषण की स्थिति का मूल्यांकन

यह पता लगाने के लिए कि क्या लोग उचित मात्रा में पोषक तत्व ले रहे हैं, डॉक्टर उनसे उनके खाने की आदतों और आहार के बारे में पूछते हैं और उनके शरीर की संरचना का आकलन करने और शरीर सही से काम कर रहा है या नहीं यह जानने के लिए एक शारीरिक जांच करते हैं।

ऊंचाई और वज़न तोला जाता है, और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) गिना जाता है। BMI की गणना वज़न (किलोग्राम में) को ऊंचाई (मीटर में) के वर्ग से भाग दे कर की जाती है। आमतौर पर 18.5 और 24.9 के बीच का BMI पुरुषों और महिलाओं के लिए सामान्य या स्वास्थ्यवर्द्धक माना जाता है। अमेरिका और वे देश, जहाँ खाद्य असुरक्षा की दरें कम हैं, कई लोगों का BMI 24 से ज़्यादा होता है। शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के लिए सही वज़न बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ऊंचाई-वज़न की एक स्टैंडर्डाइज़्ड टेबल का उपयोग गाइड के रूप में किया जा सकता है, हालांकि BMI ज़्यादा भरोसेमंद नतीजे देता है।

हालांकि, BMI में शरीर की संरचना के बदलावों को ध्यान में नहीं रखा जाता। इसके बजाय कमर की परिधि को मापा जा सकता है; कभी-कभी कमर के मध्य भाग में मौजूद फैट उस ज़रूरत से ज़्यादा वज़न या हानिकारक फैट का ज़्यादा सटीक माप होता है जो आंतरिक अंगों में जमा होता है और जो हृदय रोग और चयापचय संबंधी विकारों के जोखिम होने की संभावना को बेहतर दर्शा सकता है।

रक्त में, कुछ कोशिकाओं के अंदर और कभी-कभी ऊतकों में भी कई पोषक तत्वों का स्तर जांचा जा सकता है। उदाहरण के लिए, रक्त में मुख्य प्रोटीन एल्बुमिन के स्तर को मापने से यह निर्धारित करने में मदद मिल सकती है कि लोगों में प्रोटीन की कमी है या नहीं। भरपूर मात्रा में पोषण न मिलने पर पोषक तत्वों का स्तर कम हो जाता है। हालांकि, क्या ये माप पोषण की स्थिति सही-सही बता पाते हैं, यह इस बात पर निर्भर कर सकता है कि मापने पर परिणाम क्या दर्शाते हैं (उदाहरण के लिए, माप कोशिकाओं के अंदर के लिए हैं या रक्त में), चूंकि पोषक तत्वों का कोशिकाओं में कितना स्तर मौजूद है वह स्तर रक्त में ले जाने वाली मात्रा की तुलना में उपयोग करने योग्य या उपलब्ध पोषक तत्वों के बारे में ज़्यादा जानकारी दे सकता है।

शरीर की संरचना

शरीर की संरचना आमतौर पर यह बताती है कि शरीर में कितना हिस्सा फैट है और कितना हिस्सा मांसपेशियों का है, जिसे आमतौर पर शरीर में फैट के प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है। शरीर की संरचना का अनुमान कभी-कभी इनकी मदद से लगाया जाता है

  • स्किनफोल्ड थिकनेस का नाप लेकर

  • बायोइलेक्ट्रिकल इम्पेडेंस का विश्लेषण करके

इस प्रतिशत को पता लगाने के ज़्यादा सटीक तरीकों में शामिल हैं, पानी के नीचे लोगों का वज़न तोलना (हाइड्रोस्टेटिक वज़न) और डुअल-एनर्जी एक्स-रे एब्सोर्पशियोमेट्री (DXA) स्कैन, कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (CT) स्कैन, और मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (MRI) करना शामिल है। हालांकि, इन ज़्यादा सटीक तरीकों का उपयोग करना आसान नहीं है, महंगा हो सकता है, लोगों को अनावश्यक रेडिएशन (CT स्कैन) के संपर्क में आना पड़ सकता है, और ये हमेशा आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं। इन्हें मुख्य रूप से अनुसंधान में उपयोग किया जाता है।

स्किनफोल्ड थिकनेस: त्वचा के नीचे फैट की मात्रा (स्किनफोल्ड थिकनेस) का माप लेकर शरीर की संरचना का अनुमान लगाया जा सकता है। बाईं ऊपरी बांह के पिछले हिस्से में त्वचा की एक तह (ट्राइसेप्स स्किनफोल्ड) को हाथ से दूर खींचा जाता है और कैलीपर से इसका माप लिया जाता है। पुरुषों में लगभग 1/2 इंच और महिलाओं में लगभग 1 इंच का स्किनफोल्ड माप सामान्य माना जाता है। इस माप के साथ-साथ बाईं ऊपरी बांह की परिधि का माप लेकर, शरीर में कंकालीय मांसपेशी की मात्रा (lean body mass) का अनुमान लगाया जा सकता है।

बायोइलेक्ट्रिक इम्पेडेंस का विश्लेषण: इस जांच में, एक कम वोल्टेज वाले न पहचाने जा सकने वाले विद्युत प्रवाह के प्रति शरीर के ऊतकों का रेज़िस्टेंस मापा जाता है। आमतौर पर, लोग मैटल के फुटप्लेट पर नंगे पैर खड़े होते हैं, और विद्युत प्रवाह, जिसे लोग महसूस नहीं कर सकते हैं, एक पैर में ऊपर की ओर और दूसरे पैर में नीचे की ओर भेजा जाता है। मांसपेशियों के ऊतकों की तुलना में, शरीर का फैट और हड्डी इस प्रवाह का बहुत ज़्यादा प्रतिरोध करते हैं। करंट के रेज़िस्टेंस को मापकर, डॉक्टर शरीर में फैट के प्रतिशत का अनुमान लगा सकते हैं। इस जांच में केवल 1 मिनट का समय लगता है।

हाइड्रोस्टैटिक वेइंग: एक छोटे से पूल में पानी के नीचे लोगों का वज़न तौला जाता है और उस वज़न की तुलना सूखी ज़मीन पर उनके वज़न से की जाती है। हड्डी और मांसपेशियां पानी की तुलना में घनी होती हैं, इसलिए जिन लोगों में दुबले ऊतक ज़्यादा मात्रा में होते हैं उनका पानी में वज़न ज़्यादा होता है और जिन लोगों में फैट की मात्रा ज़्यादा होती है उनका पानी में वज़न कम हो जाता है। हालांकि इस तरीके को सबसे सटीक माना जाता है, लेकिन इसके लिए विशेष उपकरण की ज़रूरत होती है जो तुरंत आसानी से उपलब्ध नहीं होता है, साथ ही इसमें काफी समय भी लगता है और विशेषज्ञ की भी ज़रूरत होती है।

डुअल-एनर्जी एक्स-रे एब्सोर्पशियोमेट्री (DXA): यह इमेजिंग प्रक्रिया शरीर में फैट की मात्रा और वह कहाँ-कहाँ फ़ैला है इस बारे में सही तरह से पता लगाती है। DXA रेडिएशन की बहुत कम मात्रा का उपयोग करता है और इसका उपयोग सुरक्षित है। हालांकि, नियमित रूप से इसका उपयोग करना बहुत महंगा पड़ता है।

CT स्कैन और MRI, हालांकि सिर्फ़ स्वास्थ्य के उद्देश्य से बहुत नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, लेकिन ये सबसे विस्तृत और सटीक शरीर संरचना विश्लेषण देते हैं क्योंकि वे ज़्यादा सटीक रूप से पता लगा सकते हैं कि मांसपेशियों और अंगों के साथ-साथ ऊतकों में कितना फैट मौजूद है, और ये त्वचा के नीचे मौजूद कम हानिकारक फैट (सबक्यूटेनियस फैट) और पेट एवं आंतरिक अंगों में मौजूद ज़्यादा हानिकारक फैट (विसरल) में फर्क कर पाते हैं।

टेबल
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आहार के संघटक

आमतौर पर, पोषक तत्वों को 2 वर्गों में विभाजित किया जाता है:

  • मैक्रोन्यूट्रिएंट्स: बड़ी मात्रा में हर दिन मैक्रोन्यूट्रिएंट्स की ज़रूरत होती है। इनमें प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट, कुछ मिनरल, और पानी को शामिल किया जाता है।

  • माइक्रोन्यूट्रिएंट्स: सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता हर दिन कम मात्रा में होती है—मिलीग्राम (एक ग्राम का एक हजारवां हिस्सा) से माइक्रोग्राम (एक ग्राम का दस लाखवां हिस्सा) में। इनमें विटामिन और कुछ मिनरल शामिल हैं जो शरीर को मैक्रोन्यूट्रिएंट्स का उपयोग करने में सक्षम बनाते हैं। इन मिनरलों को ट्रेस मिनरल कहा जाता है क्योंकि शरीर को केवल बहुत कम मात्रा में इनकी ज़रूरत होती है।

खर्च की गई प्रत्येक कैलोरी ऊर्जा के लिए लगभग 1 मिलीलीटर या महिलाओं के लिए लगभग 2.7 लीटर (2.8 क्वार्ट) और पुरुषों के लिए 3.7 लीटर (3.9 क्वार्ट) पानी की आवश्यकता होती है। पानी की आवश्यकता को कई खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से मौजूद पानी और फलों या सब्जियों के रस और कैफ़ीन मुक्त कॉफी या चाय के साथ-साथ पानी पीने से पूरा किया जा सकता है। नशीले पेय और कैफीनयुक्त कॉफी, चाय और सोडा पीने से ज़्यादा पेशाब बन सकता है, इसलिए वे कम उपयोगी होते हैं।

दैनिक आहार में खपत खाद्य पदार्थों में लगभग 100,000 से ज़्यादा पदार्थ होते हैं। लेकिन इनमें से केवल 300 को पोषक तत्वों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, और केवल 45 को आवश्यक पोषक तत्वों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है:

आवश्यक पोषक तत्वों को शरीर नहीं बना पाता है और इसलिए आहार में इनका सेवन करना चाहिए।

वे पोषक तत्व, जिन्हें शरीर अन्य यौगिकों से बना सकता है, उन्हें अनावश्यक कहा जाता है। हालाँकि, बीमारी या तनाव की स्थितियों में शरीर इन अनावश्यक पोषक तत्वों को पर्याप्त मात्रा में नहीं बना पाता है। ऐसे में उन्हें आहार के माध्यम से लेना पड़ता है, जिससे वे आवश्यक पोषक तत्व बन जाते हैं।

खाद्य पदार्थों में कई अन्य उपयोगी संघटक होते हैं, जिनमें शामिल हैं फाइबर (जैसे सेल्यूलोज़, पेक्टिन और गम्स)।

खाद्य पदार्थ में भी एडिटिव्स (जैसे प्रिज़र्वेटिव्स, इमल्सिफायर्स, एंटीऑक्सिडेंट्स और स्टेबलाइज़र्स) शामिल हैं, जो खाद्य पदार्थों के प्रोड्क्शन, प्रोसेसिंग, स्टोरेज और पैकेजिंग को बेहतर बनाते हैं।

आहार वह होता है जिसे कोई व्यक्ति खाता है, बिना कोई लक्ष्य तय किए। वयोवृद्ध वयस्कों के लिए सर्वोत्तम आहार निर्धारित नहीं किया गया है। हालांकि, जिस तरह से शरीर उम्र बढ़ने के साथ बदलता है उसी तरह उम्र बढ़ने के साथ-साथ अपने आहार में कुछ बदलाव करने से भी लाभ मिल सकता है। कुछ पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट और फैट के लिए कुछ भी बदलने की ज़रूरत नहीं होती है।

  • कैलोरीज़: जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती है, वे कम सक्रिय हो जाते हैं और इसलिए कम ऊर्जा का उपयोग करते हैं, जिससे आसानी से उनका वज़न बढ़ जाता है। अगर वे कम कैलोरी लेकर वज़न बढ़ने से बचने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें सभी आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल सकते हैं—विशेष रूप से विटामिन्स और मिनरल्स। यदि वयोवृद्ध वयस्क शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं, तो उनकी कैलोरी की आवश्यकता में बदलाव नहीं हो सकता है।

  • प्रोटीन: जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती है, उनकी मांसपेशियां घट जाती हैं। यदि वयोवृद्ध वयस्क पर्याप्त प्रोटीन का सेवन नहीं करते हैं, तो उनकी मांसपेशियां और ज़्यादा घट सकती हैं। जिन वयोवृद्ध वयस्क को खाने में समस्या होती है (उदाहरण के लिए, निगलने में कठिनाई या दंत विकारों के कारण), वे प्रोटीन का सेवन उन खाद्य पदार्थों के माध्यम से कर सकते हैं जो मांस की तुलना में चबाने में आसान होते हैं, जैसे मछली, डेयरी उत्पाद, अंडे, पीनट बटर, बीन्स और सोया उत्पाद।

  • फाइबर: लोगों की उम्र बढ़ने के साथ-साथ पाचन तंत्र भी धीमी गति से काम करने लगता है, पर्याप्त फाइबर खाने से पाचन तंत्र को धीमा होने से रोकने में मदद मिल सकती है। वयोवृद्ध वयस्कों को प्रतिदिन उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थों की 8 से 12 सर्विंग्स खानी चाहिए। खाना खाकर फाइबर पाना सबसे अच्छा है, लेकिन फाइबर सप्लीमेंट्स, जैसे साइलियम, की ज़रूरत पड़ सकती है।

  • विटामिन्स और मिनरल्स: वयोवृद्ध वयस्कों को मल्टीविटामिन के अलावा विशिष्ट विटामिन और मिनरल के सप्लीमेंट लेने की आवश्यकता हो सकती है। कैल्शियम, विटामिन D और विटामिन B12 इसके उदाहरण हैं। आहार से पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन D मिल पाना मुश्किल होता है। हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए इन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जो विशेष रूप से वयोवृद्ध वयस्क के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुछ वयोवृद्ध वयस्क भोजन में पर्याप्त मात्रा में विटामिन B12 का सेवन करने के बावजूद इसे पर्याप्त मात्रा में अवशोषित नहीं कर पाते हैं, क्योंकि पेट और आंत भोजन से विटामिन B12 को निकालने या इसे अवशोषित करने में कम सक्षम हो जाते हैं। जिन वयोवृद्ध वयस्कों को ऐसी समस्या है, वे सप्लीमेंट के रूप में दिए जाने वाले विटामिन B12 को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाते हैं।

  • पानी: जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती है, उनमें प्यास लगने के अहसास को पहचानने की क्षमता घट जाती है और इसलिए उनके शरीर में पानी की कमी होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, वयोवृद्ध वयस्क को प्यास लगने तक इंतजार करने के बजाय पर्याप्त तरल पदार्थ पीने के लिए अपनी ओर से प्रयास करने चाहिए। हालांकि, आमतौर पर वयोवृद्ध वयस्क को युवाओं की तुलना में अधिक पानी पीने की ज़रूरत नहीं होती है।

वयोवृद्ध वयस्क में विकार होने या ऐसी दवाएँ लेने की संभावना अधिक होती है जो शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों या उन जरूरतों को पूरा करने की शरीर की क्षमता को बदल सकती हैं। इन विकारों और दवाओं से भूख मिट सकती है या पोषक तत्वों के अवशोषण में रुकावट आ सकती है। जब वयोवृद्ध वयस्क अपने डॉक्टर से मिलते हैं, तो उन्हें अपने डॉक्टर से पूछना चाहिए कि क्या उनमें जो विकार हैं या वे जो दवाएँ लेते हैं, वे किसी भी तरह से आहार-पोषण को प्रभावित करती हैं।

अधिक जानकारी

निम्नलिखित अंग्रेजी भाषा के संसाधन उपयोगी हो सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि इन संसाधनों की सामग्री के लिए मैन्युअल उत्तरदायी नहीं है।

  1. अमेरिकियों के लिए आहार संबंधी दिशानिर्देश, 2025-2030

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