ट्राइसॉमी 13

(पताउ सिंड्रोम; ट्राइसॉमी D)

इनके द्वाराNina N. Powell-Hamilton, MD, Sidney Kimmel Medical College at Thomas Jefferson University
द्वारा समीक्षा की गईAlicia R. Pekarsky, MD, State University of New York Upstate Medical University, Upstate Golisano Children's Hospital
समीक्षा की गई/बदलाव किया गया संशोधित सित॰ २०२५
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ट्राइसॉमी 13 क्रोमोसोम से जुड़ा एक विकार है जो कि अतिरिक्त क्रोमोसोम 13 से होता है। इसके कारण गंभीर बौद्धिक अक्षमता और शारीरिक असामान्यताएं होती हैं।

  • ट्राइसॉमी 13 एक अतिरिक्त क्रोमोसोम 13 के कारण होता है।

  • नवजात आमतौर पर छोटे होते हैं और अक्सर उनमें मस्तिष्क, आँख, चेहरे और दिल से जुड़ी समस्याएं होती हैं।

  • निदान की पुष्टि करने के लिए जन्म से पहले या बाद में टेस्ट किए जा सकते हैं।

  • ट्राइसॉमी 13 का कोई इलाज नहीं है, लेकिन इस सिंड्रोम के कारण होने वाले कुछ विशिष्ट लक्षणों और जटिलताओं का इलाज किया जा सकता है।

(क्रोमोसोम और जीन संबंधी विकारों का विवरण भी देखें।)

क्रोमोसोम कोशिकाओं के अंदर की संरचनाओं को कहते हैं जिनमें DNA और कई जीन होते हैं। जीन, डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड (DNA) के सेगमेंट हैं और इनमें एक खास प्रोटीन का कोड होता है, जो शरीर में एक या इससे ज़्यादा तरह के सेल्स में काम करता है। जीन में वे निर्देश होते हैं, जो निर्धारित करते हैं कि शरीर कैसा दिखाई देगा और कैसे काम करेगा। (आनुवंशिकी के बारे में चर्चा के लिए जीन और क्रोमोसोम देखें।)

एक अतिरिक्त क्रोमोसोम, जो एक ही क्रोमोसोम के 3 क्रोमोसोम बनाता है (सामान्य 2 के बजाय), ट्राइसॉमी कहलाता है। ट्राइसॉमी 13 से ग्रस्त बच्चों में एक अतिरिक्त क्रोमोसोम 13 होता है।

10,000 नए जन्मे बच्चों में से करीब 2 को ट्राइसॉमी 13 होता है। अतिरिक्त क्रोमोसोम सामान्यतया मां की ओर से आता है। माँ की उम्र बढ़ने के साथ ही ट्राइसॉमी 13 होने का खतरा बढ़ जाता है।

अधिकांश प्रभावित शिशुओं के लिए, ट्राइसॉमी 13 जन्म के तुरंत बाद घातक होता है। लगभग 10% शिशु जीवन के पहले वर्ष के बाद जीवित रहते हैं।

ट्राइसॉमी 13 के लक्षण

प्रभावित भ्रूण गर्भ में सामान्यतः ज़्यादा सक्रिय नहीं होते। एम्नियोटिक फ़्लूड की मात्रा बहुत ज़्यादा या बहुत कम हो सकती है।

शारीरिक असामान्यताएं

जन्म के समय, नवजात शिशु आमतौर पर छोटे होते हैं। सामान्यतः मस्तिष्क पूरी तरह से विकसित नहीं होता है और इन बच्चों के चेहरे में भी कई विसंगतियां होती हैं, जैसे इनके होठ और तालु कटे हुए रहते हैं, आँखें छोटी, पुतलियों में दोष (आँखों का रंगीन हिस्सा) और आँख का पर्दा (आँखों के पीछे की ओर स्थित साफ़, प्रकाश संवेदनशील संरचना) अल्प विकसित होता है।

कानों का आकार असामान्य होता है और आमतौर पर नीचे की ओर रहते हैं। खोपड़ी में और त्वचा के सिरों में दोष आमतौर पर पाए जाते हैं। गर्दन के पीछे, त्वचा ढीली और लटकती हुई रहती है।

नए जन्मे बच्चों में आमतौर पर हथेली में एक दरार होती है, हाथों और पैरों में अतिरिक्त उंगलियां (पॉलीडेक्टाइली) और नाखून कमज़ोर होते हैं।

कटे होंठ और कटे तालू: चेहरे के दोष

अन्य असामान्यताएं

लगभग 80% नवजात बच्चों में गंभीर दिल की बीमारियां होती हैं। वेंट्रिक्युलर सेप्टल डिफ़ेक्ट नाम की एक बीमारी, जिसमें दाएं और बाएं वेंट्रिकल के बीच एक असामान्य खुला भाग होता है, आमतौर पर पाई जाती है। कभी-कभी हृदय छाती के बाईं ओर सामान्य स्थिति के बजाय दाईं ओर स्थित हो सकता है (इस स्थिति को डेक्सट्रोकार्डिया कहा जाता है)।

लड़कों में अनियमित अंडकोष और असामान्य वृषणकोष की समस्या होती है। भ्रूण अगर लड़की हो, तो उनका आकार असामान्य रहता है।

नए जन्मे बच्चों को बीच-बीच में लंबी अवधि तक सांस नहीं आती है (ऐप्निया)।

सुनाई नहीं देना आम है और अक्सर इसका संदेह होता है, लेकिन इसकी पुष्टि करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि ये बच्चे गंभीर तौर पर बौद्धिक रूप से अक्षम होते हैं।

ट्राइसॉमी 13 का निदान

  • जन्म से पहले, गर्भस्थ शिशु का अल्ट्रासाउंड या मां का रक्त परीक्षण

  • जन्म से पहले, कोरियोनिक विल्लस सैंपलिंग, एम्नियोसेंटेसिस या दोनों

  • जन्म के बाद नवजात कैसा दिखता है, इसके आधार पर और खून की जांच के आधार पर

(यह भी देखें: अगली पीढ़ी की क्रमण की तकनीकें।)

जन्म से पहले, भ्रूण के अल्ट्रासाउन्ड के दौरान ट्राइसॉमी 13 का पता लगाया जा सकता है। डॉक्टर माँ के खून में भ्रूण के डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक (DNA) का पता लगाने के लिए एक टेस्ट कर सकते हैं और इस DNA का इस्तेमाल ट्राइसॉमी 13 के बढ़े हुए जोखिम का पता लगाने के लिए कर सकते हैं। इस टेस्ट को नॉनइनवेसिव प्रीनेटल स्क्रीनिंग (NIPS) या सेल-फ़्री फ़ीटल DNA एनालिसिस कहते हैं।

यदि डॉक्टरों को इन परीक्षणों के परिणामों के आधार पर ट्राइसॉमी 13 का संदेह होता है, तो वे अक्सर गर्भनाल का एक छोटा सा नमूना प्राप्त करने और उसकी जांच करने के लिए कोरियोनिक विलस सैंपलिंग, गर्भस्थ शिशु के आसपास के फ़्लूड (एमनियोटिक फ़्लूड) का एक नमूना प्राप्त करने और उसकी जांच करने के लिए एम्नियोसेंटेसिस, या दोनों करके निदान की पुष्टि करते हैं।

प्रयोगशाला परीक्षण

जन्म के बाद, बच्चे की शारीरिक बनावट के आधार पर ट्राइसॉमी 13 की जांच की जा सकती है। जांच की पुष्टि करने के लिए, शिशु के क्रोमोसोम को खून की जांच करके टेस्ट किया जाता है।

ट्राइसॉमी 13 का इलाज

  • परिवार के लिए सहायता

ट्राइसॉमी 13 का कोई इलाज नहीं है।

ट्राइसॉमी 13 से पीड़ित बच्चों के विकास में गंभीर देरी और दिव्यांगता होती है। उन्हें शुरुआत में ही शारीरिक और स्पीच थेरेपी दी जानी चाहिए। यह अनुशंसित है कि परिवार के लोग सहायता लें।

कुछ बच्चों को ट्राइसॉमी 13 के कारण होने वाली कुछ असामान्यताओं, जैसे कि कुछ हृदय दोष और कटे होंठ व कटे तालु, के लिए सर्जिकल उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

ट्राइसॉमी 13 का पूर्वानुमान

अधिकांश शिशुओं के लिए, ट्राइसॉमी 13 जन्म के तुरंत बाद घातक होता है।

हालांकि, कुछ शिशु 1 वर्ष की आयु और उससे अधिक आयु तक जीवित रहते हैं।

अधिक जानकारी

निम्नलिखित अंग्रेजी-भाषा संसाधन उपयोगी हो सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि इस संसाधन की सामग्री के लिए मैन्युअल उत्तरदायी नहीं है।

  1. SOFT (ट्राइसॉमी के लिए सहायता संगठन)

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