विटामिन K ज़्यादा होना

(विटामिन K टॉक्सिसिटी/विषाक्तता)

इनके द्वाराLarry E. Johnson, MD, PhD, University of Arkansas for Medical Sciences
द्वारा समीक्षा की गईGlenn D. Braunstein, MD, Cedars-Sinai Medical Center
समीक्षा की गई/बदलाव किया गया संशोधित अग॰ २०२४
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विटामिन K टॉक्सिसिटी/विषाक्तता दुर्लभ है लेकिन जो शिशु फ़ॉर्मूला का सेवन करते हैं उनमें यह सबसे आम है। 

विटामिन K के दो रूप हैं:

  • फाइलोक्विनोन: यह रूप पौधों में पाया जाता है और आहार में लिया जाता है। फैट के साथ खाने पर यह बेहतर तरीके से अवशोषित होता है। फाइलोक्विनोन ज़हरीला नहीं होता है, ज़्यादा मात्रा में भी।

  • मेनाक्विनोन: यह रूप आंत में बैक्टीरिया द्वारा निर्मित होता है, लेकिन इसकी थोड़ी मात्रा ही बनती है। कुछ देशों में, इस रूप का उपयोग सप्लीमेंट के तौर पर किया जाता है।

रक्त के थक्के सामान्य रूप से बनने के लिए विटामिन K आवश्यक है। यह हड्डियों और अन्य ऊतकों के स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है।

विटामिन K की टॉक्सिसिटी के प्रभाव में लाल रक्त कोशिकाओं के फटने के कारण एनीमिया और पीलिया होना शामिल है। नवजात शिशुओं में पीलिया होने पर कर्निकटेरस (एक तरह का मस्तिष्क को नुकसान) हो सकता है। 

(विटामिन्स का अवलोकन भी देखें।)

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