हैपेटिक ग्रैन्युलोमा, कोशिकाओं के छोटे-छोटे असामान्य गुच्छे होते हैं, जो लिवर में तब विकसित होते हैं, जब कुछ खास विकार मौजूद होते हैं या कुछ खास दवाइयां ली जाती हैं।
(लिवर ट्यूमर का विवरण भी देखें।)
ग्रैन्युलोमस उस समय बन सकते हैं जब प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाएं किसी इरिटेंट की प्रतिक्रिया स्वरूप एकत्रित होती हैं या उनके द्वारा शरीर की लिवर में मौजूद बाह्य तत्व से रक्षा की जाती है। आमतौर पर, लिवर कार्य अप्रभावित रहता है, हालांकि लिवर से संबंधित रक्त परीक्षण असामान्य हो सकते हैं। ग्रैन्युलोमा उस व्यापक सूजन के हिस्से के रूप में बन सकते हैं, जो कि किसी दवाई या किसी संक्रमण की प्रतिक्रिया के कारण हो सकती है। यदि सूजन विस्तृत है, तो लिवर दुष्क्रिया कर सकता है। बहुत ही कम बार, सूजन के कारण स्कार ऊतक और उन शिराओं में उच्च ब्लड प्रेशर हो जाता है जो आंत से लिवर में रक्त ले कर आती हैं (जिसे पोर्टल हाइपरटेंशन कहा जाता है)।
आमतौर पर ग्रैन्युलोमस अपने आप में कोई समस्या पैदा नहीं करते हैं, लेकिन उनके द्वारा होने वाले विकारों के कारण समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
ग्रैन्युलोमस के अनेक कारण होते हैं। सबसे आम हैं
कुछ दवाइयां
कुछ विकार जो पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं (अक्सर संक्रमण, जैसे ट्यूबरक्लोसिस और सिस्टोसोमियासिस)
लिवर विकार में ग्रैन्युलोमस कम घटित होते हैं, लेकिन ये प्राइमरी बाइलरी कोलेंजाइटिस में मौजूद हो सकते हैं।
हैपेटिक ग्रैन्युलोमस के लक्षण
खासतौर पर, ग्रैन्युलोमस के कोई लक्षण नहीं होते हैं। लिवर थोड़ा संवर्धित हो सकता है, और हलका पीलिया (त्वचा का रंग और आंखों के सफेद हिस्से का पीला हो जाना) हो सकता है। अन्य लक्षण, यदि विकसित होते हैं, उस विकार के कारण उत्पन्न होते हैं, जो ग्रैन्युलोमस के कारण होता है। सार्कोइडोसिस के कारण होने वाले ग्रैन्युलोमस तत्काल दूर हो सकते हैं अथवा बिना कोई उल्लेखनीय लक्षणों के वर्षों तक बने रह सकते हैं।
आइडियोपैथिक ग्रैन्युलोमेटस हैपेटाइटिस अज्ञात कारण की वजह से होने वाला बहुत ही कम बार होने वाला विकार है। इसमें ग्रैन्युलोमस, बुखार, मांसपेशी में दर्द तथा थकान पैदा हो जाती है। फिर ये लक्षण वर्षों तक बीच-बीच में हो सकते हैं।
हैपेटिक ग्रैन्युलोमस का निदान
लिवर इमेजिंग परीक्षण
कभी-कभी लिवर बायोप्सी
डॉक्टर दवाई और अवैध दवा के इस्तेमाल और अन्य विकारों के बारे में पूछते हैं, जिनके कारण ग्रैन्युलोमा हो सकते हैं। डॉक्टर, लिवर का मूल्यांकन करने के लिए रक्त की जांचें और इमेजिंग जांचें, जैसे कि अल्ट्रासाउंड, कंप्यूटेड टोमोग्राफ़ी (CT), या मैग्नेटिक रीसोनेंस इमेजिंग (MRI) भी करते हैं। लेकिन, परिणाम अनिर्णायक हो सकते हैं। निदान की पुष्टि के लिए बायोप्सी (माइक्रोस्कोप में देखने के लिए लिवर ऊतक के छोटे नमूने को सुई से निकालना) की आवश्यकता हो सकती है।
अन्य परीक्षण, जैसे कल्चर की कारण की पहचान करने के लिए ज़रूरत हो सकती है।
हैपेटिक ग्रैन्युलोमस का उपचार
अंतर्निहित विकार का उपचार
सार्कोइडोसिस के लिए कभी-कभी कॉर्टिकोस्टेरॉइड
अंतर्निहित विकार का उपचार किया जाता है। उस दवा को बंद करने से, जिसकी वजह से ग्रैन्युलोमा हो सकता है या ग्रैन्युलोमा का कारण बनने वाले संक्रमण का उपचार करने से यह ठीक हो जाता है।
कभी-कभी सार्कोइडोसिस का उपचार करने के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन क्या इनके कारण विकार की प्रगति की रोकथाम होती है, यह अनिश्चित है।
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