प्रकार्यात्मक तंत्रिका-तंत्रीय लक्षण विकार

(कन्वर्ज़न विकार)

पूर्ण समीक्षा: जून २०२६ इनके द्वाराJoel E. Dimsdale, MD, University of California, San Diego | सहकर्मी द्वारा समीक्षा की गईMark Zimmerman, MD, South County Psychiatry
अंतिम बार अपडेट किया गया: जून २०२६
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प्रकार्यात्मक तंत्रिका-तंत्रीय लक्षण विकार में, किसी तंत्रिका-तंत्रीय (न्यूरोलॉजिक) विकार के जैसे दिखने वाले शारीरिक लक्षण विकसित होते हैं। ये लक्षण संघर्षों या अन्य तनावों जैसे मानसिक कारकों के बाद उत्पन्न हो सकते हैं।

  • लोग शिकायत कर सकते हैं कि उनकी एक बाँह या पैर में लकवा हो गया है या यह कि उनकी छूने, देखने, या सुनने की शक्ति खत्म हो गई है।

  • आमतौर पर यह सुनिश्चित करने के लिए कई शारीरिक जाँचें और परीक्षण किए जाते हैं कि लक्षण किसी सामान्य चिकित्सा स्थिति के कारण नहीं हैं।

  • एक सहायक, भरोसमंद डॉक्टर-रोगी संबंध से भी उसी तरह मदद मिल सकती है, जैसी कि कॉग्निटिव-बिहेवियरल थेरेपी सहित, हिप्नोसिस और मनोचिकित्सा से मिल सकती है।

प्रकार्यात्मक तंत्रिका-तंत्रीय लक्षण विकार एक प्रकार का सोमैटाइज़ेशन है, जिसमें मानसिक लक्षणों को शारीरिक लक्षणों के रूप में व्यक्त किया जाता है।

फ़ंक्शनल न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकार कभी-कभी तनाव और संघर्ष के बाद होता है, जिन्हें इस विकार वाले लोग शारीरिक लक्षणों के रूप में अनुभव करते (उनमें बदलते) हैं। लोग ऐसा जानबूझकर नहीं करते हैं और नहीं जानते हैं कि वे ऐसा कर रहे हैं। उन्हें अपने लक्षण बिल्कुल वैसे ही महसूस होते हैं, जैसे वे किसी सामान्य चिकित्सा स्थिति के कारण हों।

हालाँकि प्रकार्यात्मक तंत्रिका-तंत्रीय लक्षण विकार बचपन के अंत से लेकर वयस्कता के आरंभ के बीच विकसित होता है, पर वह किसी भी आयु में प्रकट हो सकता है। यह विकार महिलाओं में ज़्यादा आम लगता है, हालांकि बहुत कम आयु और वयोवृद्ध वयस्कों में पुरुषों और महिलाओं के बीच का यह अंतर कम हो जाता है।

फ़ंक्शनल न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकार के लक्षण

प्रकार्यात्मक तंत्रिका-तंत्रीय लक्षण विकार के लक्षण—जैसे बाँह या पैर का लकवा या शरीर के किसी भाग में संवेदना की कमी—तंत्रिका तंत्र के कार्यकलाप की गड़बड़ी का संकेत देते हैं। अन्य लक्षण दौरे के समान होते हैं या सोचने की समस्याओं, निगलने में कठिनाई, या किसी विशेष इंद्रिय, जैसे दृष्टि या सुनने की हानि से संबंधित हो सकते हैं।

अक्सर, लक्षण किसी परेशान करने वाली सामाजिक या मनोवैज्ञानिक घटना के बाद शुरू होते हैं। लक्षण जानबूझकर उत्पन्न नहीं होते हैं। यानी, लोग अपने लक्षणों का दिखावा नहीं करते हैं। लक्षण इतने गंभीर हो सकते हैं कि वे काफ़ी परेशानी पैदा कर सकते हैं और/या कामकाज में बाधा डालते हैं।

लोगों को उनके जीवनकाल में केवल 1 प्रकरण हो सकता है या ये प्रकरण छिटपुट रूप से होते रहते हैं। आम तौर से, प्रकरण थोड़ी सी देर के लिए होते हैं।

फ़ंक्शनल न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकार का निदान

  • मानक मनोरोग-विज्ञान नैदानिक मापदंडों के आधार पर, डॉक्टर द्वारा मूल्यांकन

  • सामान्य चिकित्सा स्थितियों का मूल्यांकन करने के लिए शारीरिक जांच और कभी-कभी चिकित्‍सीय परीक्षण

डॉक्टर सबसे पहले एक पूरा चिकित्सीय इतिहास लेकर, व्यापक शारीरिक परीक्षा करके, और परीक्षण करके उन शारीरिक विकारों, खास तौर से, तंत्रिका-तंत्रीय विकारों के लिए जाँचते हैं,जिनके कारण ये लक्षण हो सकते हैं।

निदान की कुंजी यह है कि लक्षण किसी भी तंत्रिका-तंत्रीय विकार से होने वाले लक्षणों से मेल नहीं खाते हैं। उदाहरण के लिए, व्यक्ति काँप सकता है और सोच सकता है कि कंपन दौरे के किसी विकार के कारण हो रहे हैं। लेकिन जब व्यक्ति का ध्यान हटाया जाता है, तो कंपन गायब हो जाता है। यदि लोगों को दौरे होते हैं, तो ध्यान हटने से कंपन बंद नहीं होते हैं।

साथ ही, डॉक्टरों द्वारा प्रकार्यात्मक तंत्रिका-तंत्रीय लक्षण विकार का निदान करने के लिए, लक्षणों से उल्लेखनीय परेशानी उत्पन्न होनी चाहिए और कार्यकलाप में बाधा पड़नी चाहिए।

जब डॉक्टर यह तय कर लेते हैं कि लक्षण किसी न्यूरोलॉजिक विकार के लक्षणों से मेल नहीं खाते हैं, तो वे 'फ़ंक्शनल न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकार' के निदान पर विचार करते हैं। निदान मूल्यांकन से मिलने वाली सारी जानकारी के आधार पर किया जाता है।

फ़ंक्शनल न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकार का उपचार

  • एक सहायक, भरोसेमंद डॉक्टर-रोगी संबंध

  • हिप्नोसिस (सम्मोहन)

  • मनश्चिकित्सा

एक सहायक, भरोसेमंद डॉक्टर-रोगी संबंध अनिवार्य है। सबसे उपयोगी दृष्टिकोण में एक प्राथमिक देखभाल डॉक्टर का किसी मनोरोग विशेषज्ञ तथा किसी अन्य क्षेत्र के डॉक्टर, जैसे न्यूरोलॉजिस्ट या तंत्रिका विशेषज्ञ के बीच सहयोग शामिल हो सकता है। सहयोगी स्वास्थ्य पेशेवर, जैसे कि शारीरिक चिकित्सक, देखभाल टीम का भी हिस्सा हो सकते हैं।

कभी-कभी डॉक्टर का यह समझाना कि 'फ़ंक्शनल न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकार' एक असली मनोरोग-विज्ञान संबंधी विकार है और इसे प्रबंधित किया जा सकता है, एक उपयोगी थेराप्युटिक इंटरवेंशन है। यह व्यक्ति के लक्षणों को असली बताता है, सकारात्मक निष्कर्षों के आधार पर निदान पर भरोसा जगाता है, डॉक्टर के साथ साझेदारी का माहौल बनाता है, और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की टीम से स्थिति का प्रबंधन कराने का स्पष्ट कारण बताता है।

निम्नलिखित उपचार मदद कर सकते हैं:

हिप्नोसिस का इस्तेमाल ऐसी शॉर्ट-टर्म थेरेपी के दौरान किया जा सकता है, जिसका मकसद लोगों को यह सिखाना है कि वे तनाव और दूसरी मानसिक स्थितियों का अपने शरीर के कामकाज पर पड़ने वाले असर को कैसे नियंत्रित करें।

आमतौर पर फ़ंक्शनल न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकार के लिए तब तक दवाएँ नहीं दी जातीं, जब तक कि व्यक्ति को कोई और मनोरोग-विज्ञान संबंधी विकार न हो जिसका उपचार दवाओं से हो सकता है। डिप्रेशन, चिंता और पोस्ट-ट्रॉमेटिक तनाव विकार कुछ ऐसे मनोरोग-विज्ञान संबंधी विकार हैं जो फ़ंक्शनल न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकार के साथ हो सकते हैं। इन सभी विकारों का उपचार किया जाना चाहिए, और इन विकारों के लिए अलग-अलग उपचार दृष्टिकोणों में दवाओं का इस्तेमाल शामिल हो सकता है।

अधिक जानकारी

निम्नलिखित अंग्रेजी-भाषा संसाधन उपयोगी हो सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि इस संसाधन की सामग्री के लिए मैन्युअल उत्तरदायी नहीं है।

  1. Functional and Dissociative Neurological Symptoms: रोगियों के लिए गाइड

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