क्रोमियम ज़्यादा होना

इनके द्वाराLarry E. Johnson, MD, PhD, University of Arkansas for Medical Sciences
द्वारा समीक्षा की गईGlenn D. Braunstein, MD, Cedars-Sinai Medical Center
समीक्षा की गई/बदलाव किया गया मई २०२५ | संशोधित जुल॰ २०२५
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कार्यस्थल में क्रोमियम के संपर्क में आने के कारण क्रोमियम की अधिकता हो सकती है।

क्रोमियम, इंसुलिन (जो रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है) को काम करने के लिए सक्षम बनाता है और कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फ़ैट की प्रोसेसिंग (मेटाबोलिज़्म) और स्टोरेज में मदद करता है।

क्रोमियम सप्लीमेंट्स लेने से मांसपेशियों का आकार या ताकत नहीं बढ़ती।

मुंह से ली गई क्रोमियम की थोड़ी मात्रा (प्रतिदिन 500 माइक्रोग्राम से कम) हानिकारक (नॉनटॉक्सिक) नहीं होती। जिस जगह लोग काम करते हैं, वहां लोग क्रोमियम के एक अलग, हानिकारक (विषाक्त) रूप के संपर्क में आ सकते हैं। यह औद्योगिक प्रदूषण से उत्पन्न होने वाला एक रूप है। क्रोमियम का यह हानिकारक रूप त्वचा, नाक के कार्टिलेज (उपास्थि), फेफड़े और पाचन तंत्र में समस्या उत्पन्न कर सकता है और फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकता है।

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